
मानसरोवर भाग-3
8h 43m
104,574 words
hi
मानसरोवर का यह भाग प्रेमचंद की कहानीकला के शिखर-क्षणों को समेटे हुए है। 'शतरंज के खिलाड़ी' में लखनऊ के नवाबी समाज के पराभव की त्रासद कथा, 'माता का हृदय' में स्त्री-संवेदना की पराकाष्ठा, और 'गुरु-मंत्र' जैसी कहानियाँ पाठक को एक विस्तृत नैतिक-सामाजिक दुनिया में ले जाती हैं। इकतीस कहानियों का यह संग्रह धर्म, कर्तव्य, त्याग और मानवीय रिश्तों की जटिलताओं का गहन चित्रण करता है।
कथा साहित्यहिन्दी कहानीहिन्दी साहित्यप्रेमचंदग्रामीण जीवनसामाजिक यथार्थजातिवादस्त्री विमर्शस्वतंत्रता-पूर्व साहित्यक्लासिक साहित्यमानसरोवरआदर्शोन्मुख यथार्थवाद
LanguageHindi









































