
कफ़न
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‘कफ़न’ प्रेमचंद की आख़िरी कहानियों में है और उनकी कला का शिखर मानी जाती है। भूख, अभाव और एक ऐसी व्यवस्था जो इंसान को उसकी संवेदना से काट देती है — इसे यह कहानी बेरहम सचाई के साथ सामने रखती है। अदबी दुनिया की आवाज़ में।
सामाजिक यथार्थग़रीबीभूखजाति व्यवस्थाप्रगतिशील कहानीमानव स्वभावहिन्दी साहित्यउर्दू साहित्यकहानीप्रेमचंदक्लासिक साहित्य
Publisheradbi-duniya
LanguageHindi, Urdu














































