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खोल दो

खोल दो

सआदत हसन मंटो

6 min
1,200 words
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खोल दो बँटवारे की सबसे दर्दनाक कहानियों में से एक है। सकीना नाम की लड़की अपने बाप से बिछड़ जाती है और कुछ नौजवान उसे 'ढूँढने' का वादा करते हैं। अंत में जब वो मिलती है तो उसकी हालत देख कर पढ़ने वाले का दिल दहल जाता है। मंटो ने बिना एक लफ़्ज़ ज़्यादा कहे पूरी त्रासदी बयान कर दी।

हिन्दी कहानियाँउर्दू साहित्यबँटवारास्त्री शोषणशरणार्थीमानवीय त्रासदीभारत-पाकिस्तान विभाजनसामाजिक यथार्थ
LanguageHindi
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