Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. मानसरोवर भाग-1
मानसरोवर भाग-1

मानसरोवर भाग-1

प्रेमचंद

8h 47m
105,288 words
hi
Start Reading

मानसरोवर प्रेमचंद की लगभग तीन सौ कहानियों का आठ भागों में संकलन है, जिसका पहला भाग उनके जीवन-काल में 1936 में प्रकाशित हुआ था। इस भाग में ग्रामीण भारत, बाल-मन, जातिगत विषमता, और मानवीय मूल्यों को केंद्र में रखकर लिखी गई छब्बीस कहानियाँ शामिल हैं। हामिद और उसका चिमटा, हलकू और जबरा की पूस की रात, होरी-धनिया की भूमिहीनता, और निःशुल्क सेवा का सौंदर्य — ये छवियाँ हिंदी पाठक के मन में सदा के लिए बस चुकी हैं। प्रेमचंद की यह व्यवस्थित प्रस्तुति उनकी कहानीकला के विकास और विविधता का सर्वश्रेष्ठ प्रमाण है।

कथा साहित्यहिन्दी कहानीहिन्दी साहित्यप्रेमचंदग्रामीण जीवनसामाजिक यथार्थजातिवादस्त्री विमर्शस्वतंत्रता-पूर्व साहित्यक्लासिक साहित्यमानसरोवरआदर्शोन्मुख यथार्थवाद
LanguageHindi
Source
Hindisamay (MGAHV Wardha)

Books by प्रेमचंद

दो बैलों की कथादो बैलों की कथा
ईदगाहईदगाह
कर्बलाकर्बला
पाँच फूलपाँच फूल
कलम, तलवार और त्यागकलम, तलवार और त्याग
हार की जीतहार की जीत
ठाकुर का कुआँठाकुर का कुआँ
मानसरोवर भाग-3मानसरोवर भाग-3
मानसरोवर भाग-2मानसरोवर भाग-2
दुनिया का सबसे अनमोल रत्नदुनिया का सबसे अनमोल रत्न
गबनगबन
गोदानगोदान
अलंकारअलंकार
कफ़नकफ़न
मंत्रमंत्र
विचार: प्रेमचंदविचार: प्रेमचंद
प्रेमचंद कहानी समग्रप्रेमचंद कहानी समग्र
नादान दोस्तनादान दोस्त

Audiobooks by प्रेमचंद

मुंशी प्रेमचंद की कहानियाँमुंशी प्रेमचंद की कहानियाँ
दुनिया का सबसे अनमोल रतनदुनिया का सबसे अनमोल रतन
ईदगाहईदगाह
कफ़नकफ़न
पूस की रातपूस की रात
ठाकुर का कुआँठाकुर का कुआँ

Similar books

देवीदेवी
दृष्टि दानदृष्टि दान
दुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनीदुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनी
हिंद स्वराजहिंद स्वराज
हिंदुत्व का दर्शनहिंदुत्व का दर्शन
कहानियाँकहानियाँ
काली शलवारकाली शलवार
बुद्धू का काँटाबुद्धू का काँटा
काबुलीवालाकाबुलीवाला
खोल दोखोल दो
कंकालकंकाल
सुखमय जीवनसुखमय जीवन

Similar audiobooks

हतकहतक
खोल दोखोल दो
धुआँधुआँ
काली शलवारकाली शलवार
शरीफ़नशरीफ़न
सौ कैंडल पॉवर का बल्बसौ कैंडल पॉवर का बल्ब