
टोबा टेक सिंह
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टोबा टेक सिंह उर्दू अदब की सबसे मशहूर तक़सीम कहानी है। बँटवारे के बाद दोनों मुल्कों की हुकूमतें पागलख़ानों के मरीज़ों की भी अदला-बदली का फ़ैसला करती हैं। बिशन सिंह — जो सिर्फ़ 'टोबा टेक सिंह' बोलता है — अपनी ज़मीन और पहचान के लिए दो मुल्कों की सरहद पर खड़ा रह जाता है। सियासत की बेहूदगी पर मंटो का सबसे मार्मिक व्यंग्य।
हिन्दी कहानियाँउर्दू साहित्यबँटवारापागलख़ानापहचान का संकटव्यंग्यभारत-पाकिस्तान विभाजनराजनीतिक व्यंग्य
LanguageHindi
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