
मंटो ने औरतों के बारे में जिस बेबाकी और हमदर्दी से लिखा, वो उनके दौर में अनोखा था। इस संग्रह में 20 कहानियाँ हैं जो तवायफ़ों, ग़रीब औरतों, बीवियों और बेटियों की ज़िन्दगी को बयान करती हैं। मंटो ने कभी औरतों पर नैतिक फ़ैसला नहीं सुनाया — बस उनकी हक़ीक़त को इज़्ज़त के साथ पेश किया।