
हतक सुगंधी नाम की एक तवायफ़ की कहानी है जिसे एक रात एक ग्राहक बेइज़्ज़त करके निकाल देता है। इस अपमान से टूटी सुगंधी अपनी ज़िन्दगी और इज़्ज़त के मायने तलाशती है। मंटो ने दिखाया कि हाशिए पर रहने वाली औरतों में भी आत्मसम्मान और इंसानियत होती है। यह कहानी मंटो की सबसे लम्बी और सबसे मार्मिक कहानियों में गिनी जाती है।