
ब्लाउज़ एक किशोर लड़की की कहानी है जो जवानी की दहलीज़ पर खड़ी है। उसके शरीर में आ रहे बदलाव और उसकी नई चेतना को मंटो ने बिना किसी अश्लीलता के, बड़ी संवेदनशीलता से चित्रित किया है। यह कहानी मंटो की उस ख़ूबी का नमूना है जहाँ वो 'वर्जित' विषयों को इंसानी सच्चाई की तरह बयान करते हैं।