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सआदत हसन मंटो

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2,428 words
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बू एक ग़ैर-मामूली प्रेम कहानी है जिसमें एक कुलीन नौजवान रणधीर और एक ग़रीब काली लड़की के बीच का रिश्ता है। रणधीर उसके शरीर की 'बू' से आकर्षित भी है और परेशान भी। मंटो ने इस कहानी में नस्ल, वर्ग और शारीरिक आकर्षण के बीच के जटिल रिश्ते को बड़ी बारीकी से उकेरा है।

हिन्दी कहानियाँउर्दू साहित्यइश्क़अंतरवर्गीय सम्बन्धनस्लीय भेदभावबम्बईसामाजिक वर्जनाएँमानवीय रिश्ते
LanguageHindi
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