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शरीफ़न

शरीफ़न

सआदत हसन मंटो

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1,314 words
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शरीफ़न एक छोटी लेकिन धारदार कहानी है। शरीफ़न नाम की औरत समाज के बनाए नियमों के ख़िलाफ़ अपनी ज़िन्दगी अपनी शर्तों पर जीना चाहती है। मंटो ने कम से कम शब्दों में एक औरत की बग़ावत और उसकी ताक़त को बयान किया है।

हिन्दी कहानियाँउर्दू साहित्यस्त्री बग़ावतसामाजिक बंधनइश्क़ग्रामीण जीवनस्त्री अस्मितासामाजिक यथार्थ
LanguageHindi
Source
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Books by सआदत हसन मंटो

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बूबू
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धुआँधुआँ
ब्लाउज़ब्लाउज़
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