मज़ामीन

मज़ामीन

सआदत हसन मंटो

6h 0m
71,944 words
hi

सआदत हसन मंटो सिर्फ़ अफ़सानानिगार ही नहीं, एक बेहतरीन मज़मून-निगार भी थे। इस मज्मूए में उनके वो लेख शामिल हैं जो उन्होंने हिन्दुस्तानी समाज, सियासत, फ़िल्मी दुनिया, अदब और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर लिखे। इन मज़ामीन में मंटो की वही बेबाकी, तीखापन और इंसानी फ़ितरत की गहरी समझ मिलती है जो उनकी कहानियों में है।

LanguageHindi
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