Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. रक्षा बंधन तथा अन्य कहानियाँ
रक्षा बंधन तथा अन्य कहानियाँ

रक्षा बंधन तथा अन्य कहानियाँ

विश्वंभरनाथ शर्मा 'कौशिक'

3h 34m
42,784 words
hi
Start Reading

'रक्षा बन्धन तथा अन्य कहानियाँ' सुप्रसिद्ध कथाकार श्री विश्वम्भर नाथ शर्मा 'कौशिक' के कथा-शिल्प का एक प्रतिनिधि संग्रह है। इसमें कुल २४ कहानियाँ संकलित हैं, जिनमें 'भक्त की टेर', 'पत्रकार', 'विजय दशमी' और शीर्षक कहानी 'रक्षा-बन्धन' विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। कौशिक जी की कहानियों की मुख्य विशेषता उनका चरित्र-प्रधान होना और कथानक में यथार्थवाद के साथ आदर्शवाद का पुट देना है। वे समाज में व्याप्त बुराइयों, अवसरवाद और मानवीय कमजोरियों पर अपनी लेखनी से प्रहार करते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य सदैव समाज-सुधार और मानवीय मूल्यों की पुनर्स्थापना ही रहता है।

इस संकलन की कहानियों में तत्कालीन भारत की सामाजिक परिस्थितियों, राजनीतिक चेतना और सामान्य जनजीवन के संघर्षों का सजीव चित्रण मिलता है। लेखक ने 'कम्यूनिस्ट सभा', 'वोटर' और 'अवसरवाद' जैसी कहानियों के माध्यम से समाज के बदलते राजनैतिक और नैतिक ढांचे को बड़े ही रोचक ढंग से प्रस्तुत किया है। आगरा के 'विनोद पुस्तक मन्दिर' द्वारा १९५९ में प्रकाशित यह प्रथम संस्करण हिंदी कहानी के विकासक्रम को समझने के लिए एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। भाषा की सरलता और संवादों की सजीवता के कारण यह पुस्तक आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी अपने प्रकाशन के समय थी।

हिंदी साहित्यपारिवारिक संबंधभाई-बहन का प्रेमभारतीय संस्कृतिरक्षा बंधन त्योहारआधुनिक हिंदी साहित्य20वीं सदीसामाजिक मूल्यभारतीय परंपरापारिवारिक कथाकहानीकहानी संग्रहप्रेमचंद युग
PublisherKafka
LanguageHindi
Source
Wikisource

Similar books

कलम, तलवार और त्यागकलम, तलवार और त्याग
न्यायन्याय
हड़तालहड़ताल
पाँच फूलपाँच फूल
स्वदेशस्वदेश
चाँदी की डिबियाचाँदी की डिबिया
दुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनीदुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनी
फंदाफंदा
प्रतिज्ञाप्रतिज्ञा
गबनगबन
परिणीतापरिणीता
मरहूम की याद मेंमरहूम की याद में
मैं एक मियाँ हूँमैं एक मियाँ हूँ
ईदगाहईदगाह
नमक का दरोग़ानमक का दरोग़ा
ग़ज़लियात-ए-इक़बालग़ज़लियात-ए-इक़बाल
मैं नास्तिक क्यों हूँ?मैं नास्तिक क्यों हूँ?
जातिभेद का उच्छेदजातिभेद का उच्छेद
हसरत की शाइरीहसरत की शाइरी
अलंकारअलंकार
माँमाँ
शतरंज के खिलाड़ीशतरंज के खिलाड़ी
पूस की रातपूस की रात
हार की जीतहार की जीत