Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. मनुष्य का जीवन आधार क्या है
मनुष्य का जीवन आधार क्या है

मनुष्य का जीवन आधार क्या है

लियो टॉलस्टॉय

19 min
3,759 words
hi
Start Reading

"मनुष्य का जीवन आधार क्या है" लियो टॉलस्टॉय की एक गहन दार्शनिक और आध्यात्मिक कहानी है जो मानव जीवन के मूलभूत प्रश्नों को संबोधित करती है। यह कथा एक जूते बनाने वाले शिल्पकार सेमयोन की कहानी है जो एक रहस्यमय अजनबी को अपने घर में शरण देता है। यह अजनबी वास्तव में एक स्वर्गदूत है जिसे मानव जीवन के तीन महत्वपूर्ण सत्यों को सीखने के लिए पृथ्वी पर भेजा गया है - मनुष्य के भीतर क्या है, मनुष्य को क्या नहीं दिया गया है, और मनुष्य किस पर जीवित रहता है। कहानी विभिन्न घटनाओं और पात्रों के माध्यम से इन प्रश्नों का उत्तर खोजती है।

टॉलस्टॉय की यह रचना उनके जीवन के उस दौर की है जब वे गहरे आध्यात्मिक और नैतिक प्रश्नों से जूझ रहे थे। कहानी प्रेम, करुणा, विश्वास और मानवता के विषयों को बड़ी सरलता और गहराई से प्रस्तुत करती है। टॉलस्टॉय का संदेश स्पष्ट है कि मनुष्य का वास्तविक जीवन आधार प्रेम है - न कि भौतिक संपदा या स्वार्थी चिंताएं। यह कहानी रूसी साहित्य की महान लोककथा परंपरा का हिस्सा है और इसकी सादगी में ही इसकी शक्ति निहित है। यह रचना आज भी उतनी ही प्रासंगिक है क्योंकि यह मानवीय मूल्यों और सामाजिक बंधनों के महत्व को रेखांकित करती है, जो आधुनिक भौतिकवादी युग में और भी आवश्यक हो गए हैं।

कहानी संग्रहरूसी साहित्य19वीं सदीयथार्थवादनैतिकताधर्म और आध्यात्मसामाजिक न्यायकिसान जीवनप्रेम और करुणामानवीय संघर्षअस्तित्ववादरूसी समाजदर्शनमृत्यु और जीवन का अर्थवैवाहिक जीवन
PublisherKafka
LanguageHindi
Source
tolstoy-kii-khaaniyaan-leo-tolstoy

Similar books

पाँच फूलपाँच फूल
गबनगबन
क्या पाकिस्तान बनना चाहिएक्या पाकिस्तान बनना चाहिए
ईदगाहईदगाह
नमक का दरोग़ानमक का दरोग़ा
तन्हाई की कहानियाँतन्हाई की कहानियाँ
जातिभेद का उच्छेदजातिभेद का उच्छेद
हिंदुत्व का दर्शनहिंदुत्व का दर्शन
दो बैलों की कथादो बैलों की कथा
बुद्ध अथवा कार्ल मार्क्सबुद्ध अथवा कार्ल मार्क्स
माँमाँ
शतरंज के खिलाड़ीशतरंज के खिलाड़ी
पूस की रातपूस की रात
हार की जीतहार की जीत
बङे भाई साहबबङे भाई साहब
पंच परमेश्वरपंच परमेश्वर
निर्मलानिर्मला
गोदानगोदान
मोमिन की ग़ज़लेंमोमिन की ग़ज़लें
सेवासदनसेवासदन
दो वृद्ध पुरुषदो वृद्ध पुरुष
मूर्ख सुमंतमूर्ख सुमंत
बूढ़ी काकीबूढ़ी काकी
सुजान भगतसुजान भगत