Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. अँधेरे में
अँधेरे में

अँधेरे में

गजानन माधव मुक्तिबोध

26 min
5,130 words
hi
Start Reading

आधी रात को एक पच्चीस वर्षीय युवक पाँच साल बाद अपने पुराने शहर लौटता है। उसके पास कोई सामान नहीं है; लंबे बालों में केवल कोयले की धूल है। प्लेटफार्म पर कदम रखते ही चाय, इंजन के धुएँ और लालटेन के काले लोहे की परिचित गंध उसे घेर लेती है। बाहर ताँगे अपनी चिर-परिचित सुस्ती के साथ चल रहे हैं। नगर में कुछ नहीं बदला है।

लेकिन बीस साल इसी मुहल्ले में बिताने वाला यह युवक अब पहले जैसा नहीं रह गया है। वह अपने ही अतीत और इस ठहरे हुए परिवेश को एक नए चश्मे से देखता है। बाहर के जमे हुए यथार्थ और उसके भीतर चल रहे मानसिक उथल-पुथल के बीच एक ऐसा टकराव शुरू होता है, जहाँ उसकी आत्मा अपने ही पुराने चेहरों के सामने अजनबी की तरह खड़ी हो जाती है।

गजानन माधव मुक्तिबोध का यह गद्य बीसवीं सदी के हिंदी साहित्य की 'नई कहानी' और प्रगतिशील धारा का प्रमुख हिस्सा है। यह रचना तत्कालीन मध्यमवर्गीय जीवन की जड़ता और व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक एवं अस्तित्ववादी संघर्ष को स्पष्ट यथार्थ में दर्ज करती है।

कहानी संग्रहगद्य साहित्यहिंदी साहित्यसमकालीन साहित्यप्रगतिशील साहित्यनई कहानीसामाजिक यथार्थवाدमध्यमवर्गीय जीवनमानसिक संघर्षअस्तित्ववादबीसवीं सदीआधुनिक साहित्यमनोवैज्ञानिक कथाबौद्धिक साहित्यप्रयोगवाद
PublisherKafka
LanguageHindi
Source
snklit-khaaniyaan-gjaann-maadhv-muktibodh

Books by गजानन माधव मुक्तिबोध

विपात्रविपात्र
संकलित कहानियाँसंकलित कहानियाँ

Similar books

देवीदेवी
दृष्टि दानदृष्टि दान
दुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनीदुखवा मैं कासे कहूँ मोरी सजनी
हार की जीतहार की जीत
हिंद स्वराजहिंद स्वराज
हिंदुत्व का दर्शनहिंदुत्व का दर्शन
ईदगाहईदगाह
काबुलीवालाकाबुलीवाला
कंकालकंकाल
कृष्ण और उनकी गीताकृष्ण और उनकी गीता
जीवित और मृतजीवित और मृत
आग और धुआँआग और धुआँ
अतिथिअतिथि
चुने हुए निबंधचुने हुए निबंध
दो वृद्ध पुरुषदो वृद्ध पुरुष
गुप्त धनगुप्त धन
क्या पाकिस्तान बनना चाहिएक्या पाकिस्तान बनना चाहिए
मंत्रमंत्र
तन्हाई की कहानियाँतन्हाई की कहानियाँ
मनुष्य का जीवन आधार क्या हैमनुष्य का जीवन आधार क्या है

Similar audiobooks

हुकुम की बेगमहुकुम की बेगम
Do SakhiyanDo Sakhiyan
Alf Laila o LailaAlf Laila o Laila