
रहीम के दोहे सोलहवीं-सत्रहवीं शताब्दी के महान कवि अब्दुर रहीम ख़ान-ए-ख़ाना द्वारा रचित दोहों का संकलन है। अकबर के नवरत्नों में से एक रहीम एक विद्वान सेनापति, प्रशासक और संवेदनशील कवि थे। यह संग्रह उनकी काव्य प्रतिभा का प्रमाण है, जिसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहन अवलोकन और सूक्ष्म दर्शन प्रस्तुत किया गया है। दोहे की सरल किन्तु प्रभावशाली शैली में रचित ये रचनाएं नीति, धर्म, प्रेम, मानवीय संबंध, विनम्रता, दान और सामाजिक मूल्यों पर केंद्रित हैं।