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वली उज़्लत

वली उज़्लत

वली उज़्लत

31 min
6,184 words
hiur
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वली उज़्लत दक्कन के अहम शायर हैं जिनकी शायरी में सूफ़ियाना रंग, इश्क़-ए-हक़ीक़ी और इश्क़-ए-मजाज़ी का ख़ूबसूरत संगम मिलता है। उनकी ग़ज़लों में ज़बान की सादगी और जज़्बात की गहराई है।

उर्दू शायरीदक्कनी साहित्यप्रेम काव्यरहस्यवादसूफी परंपरा18वीं सदीदक्कन सल्तनतग़ज़लरोमांटिक भावनाआध्यात्मिक प्रेमफ़ारसी प्रभावशास्त्रीय उर्दूदरबारी काव्य
PublisherKafka
LanguageHindi, Urdu
Source
Rekhta

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