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आबरू शाह मुबारक

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8,017 words
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अबरू शाह मुबारक (1683–1733) मुग़ल दौर के एक अहम रेख़्ता-गो शायर थे। उनकी ग़ज़लों में इश्क़, हुस्न और ज़िंदगी के रंग दिखते हैं। इस दीवान में उनकी तमाम ग़ज़लें शामिल हैं जो रेख़्ता पर हिन्दी में उपलब्ध हैं।

उर्दू ग़ज़लउर्दू शायरीदीवानरेख़्ताक्लासिकी शायरी
LanguageHindi
Source
Rekhta

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