Kafka
Kafka
Download AppDownload
AboutContactPrivacyTerms
Download App

© 2026 Kafka

  1. Home
  2. /
  3. बू
बू

बू

सआदत हसन मंटो

hiur
Start Listening

बू एक ग़ैर-मामूली प्रेम कहानी है जिसमें एक कुलीन नौजवान रणधीर और एक ग़रीब काली लड़की के बीच का रिश्ता है। रणधीर उसके शरीर की 'बू' से आकर्षित भी है और परेशान भी। मंटो ने इस कहानी में नस्ल, वर्ग और शारीरिक आकर्षण के बीच के जटिल रिश्ते को बड़ी बारीकी से उकेरा है।

हिन्दी कहानियाँउर्दू साहित्यइश्क़अंतरवर्गीय सम्बन्धनस्लीय भेदभावबम्बईसामाजिक वर्जनाएँमानवीय रिश्ते
Publisheradbi-duniya
LanguageHindi, Urdu

Books by सआदत हसन मंटो

काली शलवारकाली शलवार
खोल दोखोल दो
बाबू गोपीनाथबाबू गोपीनाथ
ब्लाउज़ब्लाउज़
धुआँधुआँ
हतकहतक
बूबू
किरदारकिरदार

Audiobooks by सआदत हसन मंटो

हतकहतक
टोबा टेक सिंहटोबा टेक सिंह
तमाशातमाशा
खोल दोखोल दो
मोज़ेलमोज़ेल
काली शलवारकाली शलवार
टेटवाल का कुत्ताटेटवाल का कुत्ता
शरीफ़नशरीफ़न
बाबू गोपीनाथबाबू गोपीनाथ
सौ कैंडल पॉवर का बल्बसौ कैंडल पॉवर का बल्ब
ठंडा गोश्तठंडा गोश्त
धुआँधुआँ
ब्लाउज़ब्लाउज़
सियाह हाशिएसियाह हाशिए
नया क़ानूननया क़ानून
मंटोमंटो

Similar audiobooks

दिल्ली की आख़िरी शमादिल्ली की आख़िरी शमा
मंटो: दोस्तों की नज़र सेमंटो: दोस्तों की नज़र से
ग़ुलाम अब्बास की कहानियाँग़ुलाम अब्बास की कहानियाँ
ज़िक्र-ए-मीरज़िक्र-ए-मीर