फ़्रांज़ काफ़्का की कहानियाँ

फ़्रांज़ काफ़्का की कहानियाँ

Translated by नैयर मसूद

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बीसवीं सदी की सबसे बेचैन कर देने वाली आवाज़ फ़्रांज़ काफ़्का की ये पाँच छोटी कहानियाँ उनकी उसी दुनिया में ले जाती हैं जहाँ तर्क और स्वप्न की सरहद मिट जाती है — एक पुल जो जीवित है, एक बाल्टी पर उड़ता याचक, एक अधूरा दोग़ला जानवर, हवेली के फाटक पर पड़ी एक दस्तक, और किसी प्राचीन साम्राज्य का बचा-खुचा पन्ना। काफ़्का इन्हें दृष्टान्त की तरह लिखते हैं: संक्षिप्त, सटीक और अथाह। प्रस्तुत उर्दू अनुवाद प्रसिद्ध कथाकार नैयर मसूद का है, जो 'आज की किताबें', कराची से प्रकाशित हुआ। आदबी दुनिया की वाचन-प्रस्तुति में सुनिए।

Publisheradbi-duniya
LanguageHindi, Urdu