तौबत उन नुसूह

तौबत उन नुसूह

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डिप्टी नज़ीर अहमद (1830–1912) उर्दू उपन्यास के जनकों में गिने जाते हैं, जिन्होंने कथा को नैतिक और सामाजिक सुधार का माध्यम बनाया। 1877 में प्रकाशित 'तौबत उन नुसूह' उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है, जिसमें नसूह नामक व्यक्ति एक गहरे आत्म-मंथन के बाद अपने और अपने परिवार के जीवन को सुधारने का संकल्प लेता है। यह उपन्यास उन्नीसवीं सदी के दिल्ली के मुस्लिम पारिवारिक जीवन, शिक्षा और धार्मिक-नैतिक चिंतन का सजीव चित्र प्रस्तुत करता है। यहाँ इसे आदबी दुनिया के लिए तसनीफ़ हैदर की आवाज़ में ऑडियोबुक रूप में प्रस्तुत किया गया है। लेखक के देहावसान को साठ वर्ष से अधिक हो चुके हैं, अतः यह कृति सार्वजनिक डोमेन में है।

Publisheradbi-duniya
LanguageHindi, Urdu