
'संकलित व्यंग्य: मिर्ज़ा अज़ीम बेग चुग़ताई' सुप्रसिद्ध हास्य-व्यंग्यकार मिर्ज़ा अज़ीम बेग चुग़ताई की चुनिंदा रचनाओं का एक मनोरंजक संग्रह है, जो उनकी विलक्षण हास्य-दृष्टि और 'शगुफ्ता' शैली का परिचय देता है। इस संकलन में 'अंगूठी की मुसीबत' और 'यक्का' जैसी कहानियाँ जहाँ रोज़मर्रा की उलझनों में छिपे विनोद को गुदगुदाने वाले अंदाज़ में पेश करती हैं, वहीं 'वकालत' और 'शातिर की बीवी' के माध्यम से लेखक ने अपने क़ानूनी और सामाजिक अनुभवों को तीखे व्यंग्य में ढाला है। 'अल-शज़री', 'रुमूज़-ए-ख़ामोशी' और 'मिस्री कोर्टशिप' जैसी रचनाओं में मानवीय स्वभाव और रस्म-ओ-रिवाज़ पर उनकी पैनी नज़र देखते ही बनती है, जो पाठकों को हँसाने के साथ-साथ जीवन की विसंगतियों पर सोचने के लिए भी प्रेरित करती है।